यहाँ पर लिखा कुछ भी मेरा नहीं है, जो कुछ भी है समाज से लिया और समाज को ही आहूत (अर्पित) करता हूँ.

Sunday, 3 July 2011

जंतर मंतर पर हनुमान का अनशन!

अभी हाल ही में ब्रकिंग न्यूज़ मिली है कि सबके दुख हरने वाले व सबको भूत-प्रेतो से बचाने वाले हमारे वीर बजरंगी 15 अगस्त से जंतर मंतर पर आमरण अनशन पर बैठ रहे है। सूत्रो के अनुसार उनकी बाबा रामदेव और अन्ना हज़ारे से डील भी पक्की हो चुकी है। इस डील के तहत फिलहाल अन्ना ने भ्रष्टाचार के खिलाफ अपने आंदोलन को स्थगित कर दिया है। क्योंकि भ्रष्टाचार के खिलाफ तो बाद में भी आंदोलन किया जा सकता है। अभी पहले आस्था पर जो संकट आया है उसे दूर करने कि जरूरत है। और आस्था पर यह हमला भी उसी सरकार ने किया है जो अन्ना और बाबा रामदेव के पीछे हाथ धो कर पड़ी है।

हमारे वीर हनुमान के अनुसार सरकार ने सुनियोजित षड्यंत्र के तहत बाज़ार में चवन्नी का प्रचलन बंद करवाया है ताकि कई सालों से जो भक्त उन्हे सवा रुपये के प्रसाद का भोग लगते आ रहे थे वह ना लगा सकें।क्योंकि मंदिर आने वाले सभी भक्त आजकल केवल एक ही दुआ मांगते है की जितना जल्दी हो सके उतनी जल्दी ही इस देश से कांग्रेस का सफाया हो जाये। अब उन भक्तो की दुआ कबूल न हो इसलिये सरकार ने चवन्नी को बंद करने का फैसला ले लिया। अब जब चवन्नी ही नहीं होगी तो भक्त लोग सवा रुपये का प्रसाद कहाँ से लाएँगे। अब जिन लोगो को सवा रुपये के प्रसाद की शक्ति पर शक हो वो इसकी शक्ति के बारे में उन लाखो स्टूडेंट से पूछ सकते है जो केवल सवा रुपये का प्रसाद चढ़कर ही न जाने कितनी परीक्षाएँ पास कर चुके है। सरकार को कोई  शक नहीं था इसलिये उसने तुरंत चवन्नी को बंद करा दिया।

वैसे इस चवन्नी के साथ अपनी भी बहुत सी यादें जुड़ी हुई है। न जाने कितने सालों तक हमने भी सवा रूपये का और फिर सवा पाँच रूपये का प्रसाद चढ़ाया है। और बचपन मे तो हमे रोज एक चवन्नी ही मिला करती थी जेबखर्च को। इस चवन्नी से ही हमने स्कूल मे कभी टॉफी, कभी आइसक्रीम, कभी समोसे तो कभी ब्रैड छोले खरीदा करते थे। वैसे तो महंगाई  की वजह से चवन्नी की कीमत काफी पहले से ही चवन्नी छाप हो गई थी और काफी समय से वह बाज़ार से बाहर हो चुकी थी (अब तो भिखारियों ने भी चवन्नी लेना बंद कर दिया था)। लकीन सरकार ने जब से चवन्नी को बंद किया है लगता है जैसे की एक युग का अंत हो गया। अब अपनी उन यादों के साथ विश्वासघात न करते हुए हमने फैसला किया है कि हम भी वीर हनुमान का साथ देने के लिए जंतर मंतर ज़रूर जाएंगे। आप में से भी जो लोग आना चाहते है वे कृपया अपना नाम दर्ज़ कराएं।

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